देहरादून/गैरसैंण।
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष राज्य का बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में ही आयोजित किया जाएगा। हालांकि अभी बजट सत्र की तिथियों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सत्र के आयोजन स्थल को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा उन्हें बजट सत्र के आयोजन को लेकर अधिकृत किया गया था। इसी क्रम में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा बजट सत्र गैरसैंण में ही आहूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही इसकी तैयारियों में जुटी हुई है, ताकि सत्र सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।
पिछले वर्ष मेंटेनेंस बना था बाधा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि बीते वर्ष भी सरकार की मंशा बजट सत्र को गैरसैंण में कराने की थी, लेकिन उस समय भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था। इसी कारण सत्र वहां आयोजित नहीं हो पाया था। इस विषय में बाद में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा भी स्थिति स्पष्ट की गई थी। इस बार ऐसी कोई बाधा नहीं है और सरकार पूरी तैयारी के साथ गैरसैंण में बजट सत्र कराने जा रही है।
बजट तैयारियों पर वित्त विभाग का फोकस
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बजट की तैयारियों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि वित्त विभाग की ओर से करीब एक महीने पहले ही सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए थे कि वे आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी बजट मांगें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वित्त विभाग को उपलब्ध कराएं। सभी विभागों ने तय समयसीमा के भीतर अपनी मांगें पोर्टल पर अपलोड कर दी हैं, जिसके बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विभागों से प्राप्त बजट मांगों का परीक्षण पूरा कर लिया गया है और अब सभी विभागों के साथ क्रमवार बजट को लेकर विस्तृत चर्चाएं की जा रही हैं। ये चर्चाएं लगभग एक महीने तक चलेंगी। इसका उद्देश्य विभागों की प्राथमिकताओं को समझते हुए बजट में उन्हें समुचित रूप से शामिल करना है।
केंद्रीय बजट का असर राज्य बजट पर
वित्त सचिव ने यह भी कहा कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला आम बजट राज्य सरकार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। विधानसभा बजट सत्र से पहले केंद्रीय बजट का गहन अध्ययन किया जाता है और उसी के आधार पर राज्य के बजट को अंतिम रूप दिया जाता है। बजट का स्वरूप तय होने के बाद इसे मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
पिछले बजट सत्र में पारित प्रमुख विधेयक
पिछले विधानसभा बजट सत्र के दौरान राज्य में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया था, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों हेतु विशेष प्राविधान (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड निक्षेपक (जमाकर्ता) हित संरक्षण (वित्तीय अधिष्ठानों में) (निरसन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड राज्य विधान सभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड राज्य कीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक, 2025
- उत्तराखंड निरसन विधेयक, 2025
- उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाड़ियों के लिए क्षैतिज आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959) (संशोधन) विधेयक, 2024
- उत्तराखंड विनियोग विधेयक, 2025
गैरसैंण को लेकर राजनीतिक और भावनात्मक महत्व
गौरतलब है कि गैरसैंण लंबे समय से उत्तराखंड की स्थायी राजधानी की मांग का केंद्र रहा है। ऐसे में बजट सत्र का गैरसैंण में आयोजन राज्य की राजनीति और जनता दोनों के लिए विशेष महत्व रखता है। सरकार के इस फैसले को पर्वतीय क्षेत्रों के प्रति संवेदनशीलता और संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें बजट सत्र की तारीखों की घोषणा और 2026-27 के बजट में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं।

