Home उत्तराखंडयमुनोत्री हाईवे पर भारी भूस्खलन, हनुमान चट्टी के आगे गिरे विशाल बोल्डर, यातायात ठप

यमुनोत्री हाईवे पर भारी भूस्खलन, हनुमान चट्टी के आगे गिरे विशाल बोल्डर, यातायात ठप

by NewsBoundry
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उत्तरकाशी। लगातार सक्रिय हो रहे भूस्खलन क्षेत्रों ने यमुनोत्री हाईवे पर एक बार फिर आवागमन को प्रभावित कर दिया है। रविवार तड़के हनुमान चट्टी से आगे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरने से यमुनोत्री हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। घटना के बाद मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को रास्ते में ही रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह के समय पहाड़ी से हुए भूस्खलन के चलते सड़क पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा जमा हो गया। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाईवे को खोलने के लिए राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क पर फैले मलबे को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

इस बीच स्याना चट्टी क्षेत्र में भी भूस्खलन की एक और घटना सामने आई, जहां सड़क पर मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि एनएच विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते वहां सड़क को साफ कर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। लेकिन हनुमान चट्टी के आगे का मार्ग बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बनी हुई हैं।

यमुनोत्री हाईवे चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों में से एक है और इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में बार-बार होने वाले भूस्खलन से यात्रा संचालन प्रभावित हो रहा है। कई श्रद्धालुओं को घंटों तक रास्ते में इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि स्थानीय व्यापार और दैनिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्याना चट्टी और आसपास के कई क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बन चुके हैं। बारिश के मौसम में यहां अक्सर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे हाईवे बार-बार बंद हो जाता है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलना चाहिए। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर वैकल्पिक इंतजाम करने की अपील की है।

फिलहाल एनएच विभाग की टीमें हाईवे को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास में जुटी हुई हैं। मार्ग खुलने के बाद ही यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी।

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