Home देश/दुनियापुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: लोहागढ़ किले पर पुलिस ने कराया सीन रीक्रिएशन, आरोपियों से जोड़े जा रहे घटनाक्रम के अहम सूत्र

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: लोहागढ़ किले पर पुलिस ने कराया सीन रीक्रिएशन, आरोपियों से जोड़े जा रहे घटनाक्रम के अहम सूत्र

by NewsBoundry
0 comments

पुणे: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुणे ग्रामीण पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन को लोहागढ़ किले पर ले जाकर घटना का विस्तृत सीन रीक्रिएशन कराया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से वारदात के दौरान हुई घटनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह जांच टीम दोनों आरोपियों को लेकर उस स्थान पर पहुंची, जहां केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। अधिकारियों ने घटनास्थल पर आरोपियों से पूरे घटनाक्रम को क्रमवार दोहराने के लिए कहा। इस दौरान पुलिस ने केतन के वजन के बराबर एक डमी का उपयोग किया, ताकि यह समझा जा सके कि घटना के समय परिस्थितियां कैसी रही होंगी और कथित तौर पर क्या-क्या हुआ था।

वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए जुटाए गए साक्ष्य

जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने पूरे सीन रीक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। अधिकारियों का कहना है कि यह रिकॉर्डिंग आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम आ सकती है। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर मौजूद विभिन्न बिंदुओं का निरीक्षण किया और आरोपियों से यह भी जानकारी ली कि वे किस मार्ग से किले तक पहुंचे थे तथा घटना के समय उनकी गतिविधियां क्या थीं। सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल ने पुलिस को घटनास्थल पर खड़े होकर उस दिन की परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी, जबकि चेतन से भी उसकी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब किए गए। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित योजना थी।

पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया लोहागढ़ किला

सीन रीक्रिएशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए लोहागढ़ किले को कुछ समय के लिए आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया। पुलिस ने किले के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी थी और केवल जांच से जुड़े अधिकारियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने घटनास्थल पर जाकर विस्तार से बताया कि वे किस रास्ते से वहां पहुंचे, घटना से पहले और बाद में क्या गतिविधियां हुईं तथा घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा। इन सभी तथ्यों का दस्तावेजीकरण किया गया है और संबंधित पंचनामा भी तैयार किया गया है।

जांच में सामने आए नए पहलू

इस मामले में दर्ज एफआईआर ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। केतन अग्रवाल के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया गया है कि सिया गोयल का व्यवहार पिछले कुछ समय से बदल गया था। परिवार का आरोप है कि वह छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी और अक्सर केतन के साथ विवाद करती थी। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जून माह की शुरुआत में लोहागढ़ किले की एक प्रस्तावित यात्रा रद्द होने के बाद सिया काफी नाराज हो गई थी। शिकायत के अनुसार, वह लगातार वहां जाने की इच्छा जाहिर कर रही थी और इस मुद्दे को लेकर केतन पर दबाव भी बना रही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के दायरे में है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, आरोपियों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है। सीन रीक्रिएशन से प्राप्त जानकारी को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा जाएगा, ताकि घटना की वास्तविक तस्वीर सामने लाई जा सके। पुलिस का मानना है कि घटनास्थल पर किए गए इस अभ्यास से यह समझने में मदद मिलेगी कि वारदात के दौरान कौन कहां मौजूद था, किसने क्या भूमिका निभाई और घटनाओं का क्रम वास्तव में कैसा था। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण करेंगी।

You may also like

Leave a Comment