Home उत्तराखंडदेहरादून में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर प्रशासन अलर्ट: गाजियाबाद घटना के बाद डीएम ने जारी की सख्त एडवाइजरी, स्कूलों और अभिभावकों को दिए निर्देश

देहरादून में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर प्रशासन अलर्ट: गाजियाबाद घटना के बाद डीएम ने जारी की सख्त एडवाइजरी, स्कूलों और अभिभावकों को दिए निर्देश

by NewsBoundry
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देहरादून।

ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत और इसके बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। हाल ही में गाजियाबाद में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने संतुलित डिजिटल उपयोग, निगरानी और जागरूकता पर जोर देते हुए कई दिशा-निर्देश लागू करने के निर्देश दिए हैं।

गाजियाबाद की घटना के बाद बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया। तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरुआती जांच में सामने आया कि वे एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप की लत से जूझ रही थीं। इस घटना ने बच्चों में बढ़ती डिजिटल निर्भरता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को लेकर अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि घटना की जांच जारी है और वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गेमिंग, सामाजिक अलगाव और मानसिक दबाव बच्चों पर गंभीर असर डाल सकता है।

देहरादून प्रशासन की एडवाइजरी

डीएम सविन बंसल ने जिले के सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों में डिजिटल अनुशासन और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा दें। एडवाइजरी में निम्न बिंदुओं पर खास जोर दिया गया है—

बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने की सलाह

स्कूलों में डिजिटल व्यवहार और ऑनलाइन सुरक्षा पर जागरूकता सत्र

काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था

शिक्षकों द्वारा छात्रों की गतिविधियों और व्यवहार में बदलाव पर नजर

अभिभावकों के साथ नियमित संवाद

अभिभावकों की भूमिका अहम

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करें, उनकी दिनचर्या समझें और डिजिटल उपकरणों के उपयोग के लिए स्पष्ट नियम बनाएं।

विशेषज्ञों के अनुसार, केवल पाबंदी लगाने के बजाय बच्चों को सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग देना ज्यादा प्रभावी होता है। परिवार का सहयोग बच्चों को किसी भी तरह के मानसिक दबाव से उबरने में मदद करता है।

स्कूलों में काउंसलिंग पर फोकस

शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि स्कूलों में नियमित रूप से मनोवैज्ञानिक परामर्श (काउंसलिंग) सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।

बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग लत पर विशेषज्ञों की राय

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि अत्यधिक गेमिंग से बच्चों में चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में गिरावट, नींद की कमी और सामाजिक दूरी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसलिए डिजिटल संतुलन और ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और किसी भी असामान्य व्यवहार को नजरअंदाज न करें। समय रहते बातचीत और सहयोग कई बड़ी समस्याओं को रोक सकता है।

देहरादून प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण और स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।

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