बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। शुक्रवार सुबह बागेश्वर जिले और आसपास के क्षेत्रों में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग कुछ देर के लिए घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
सुबह-सुबह महसूस हुए झटके
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 07:48 बजे धरती में कंपन महसूस किया गया। अधिकांश लोग उस समय घरों में मौजूद थे। अचानक कंपन महसूस होते ही कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, लेकिन झटके हल्के होने के कारण स्थिति जल्द सामान्य हो गई।
कपकोट रहा भूकंप का केंद्र
भूकंप विज्ञान केंद्र (एनएससी) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 दर्ज की गई। इसका केंद्र कपकोट क्षेत्र में जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। विशेषज्ञों के अनुसार, कम तीव्रता के कारण बड़े नुकसान की संभावना नहीं रही।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भूकंप की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गया। संबंधित अधिकारियों ने तुरंत विभिन्न क्षेत्रों से स्थिति की जानकारी जुटाई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि भूकंप हल्की तीव्रता का था और फिलहाल जिले के किसी भी तहसील या गांव से किसी भी प्रकार के नुकसान या हताहत की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
उत्तराखंड का पर्वतीय इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। समय-समय पर यहां हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बनी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है।
सामान्य हुई स्थिति
कुछ ही देर में हालात सामान्य हो गए और लोग अपने दैनिक कार्यों में लौट आए। प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

