काशीपुर में हिंसा के बाद कांग्रेस का हल्ला, 163 धारा को हाटने की मांग
काशीपुर में हिंसा के बाद प्रशासन की सख्ती अब खुद सरकार पर भारी पड़ती दिख रही है। कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरते हुए धारा 163 को तुरंत हटाने की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस का कहना है कि अधिकारियों की मनमानी ने अब निर्दोष जनता को बंधक बना दिया है। जिस क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है, वहां की आबादी करीब 18 हजार है, जबकि पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में शामिल लोग केवल चार से पाँच सौ थे। बावजूद इसके पूरे इलाके को शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक बंद कर दिया गया है। कांग्रेस का सवाल है कि आखिर किसके इशारे पर इतनी बड़ी आबादी को कैद जैसा माहौल झेलना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर व्यापारियों और आम लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है, लोग ज़रूरी सामान और दवाइयां तक नहीं ले पा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन का रवैया अब तानाशाही में बदल गया है और निर्दोष लोगों पर ज्यादती हो रही है। इसी को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मिलकर साफ कहा कि क्षेत्र में अब शांति और सौहार्द पूरी तरह बहाल है, ऐसे में धारा 163 को जारी रखना किसी सज़ा से कम नहीं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों की आजीविका ठप हो गई है और दीपावली की रौनक फीकी पड़ रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द धारा नहीं हटाई गई तो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री अनुपम शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलका पाल, प्रदेश सचिव जितेंद्र सरस्वती, मंसूर अली मंसूरी, गौरव चौधरी, सारीम सैफी, पार्षद मोहम्मद आरिफ सैफी और भगवान सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस का साफ कहना है कि निर्दोषों को राहत मिले और असली दोषियों को ही सजा दी जाए, क्योंकि अब जनता का सब्र जवाब दे रहा है।

