उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सरगर्मी तेज़ हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो–वीडियो के बाद अभिनेत्री उर्मिला सनावर से पुलिस और एसआईटी की पूछताछ जारी है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है। मामले में अब सीबीआई जांच की संभावना पर भी चर्चा तेज़ हो गई है।
उर्मिला सनावर से कई घंटे पूछताछ, आज एसआईटी के सामने पेश होने की संभावना
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर से बुधवार को देहरादून में पुलिस ने कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ दो अलग-अलग थानों (नेहरू कॉलोनी और डालनवाला) में दर्ज प्राथमिकी के विवेचना अधिकारियों की मौजूदगी में हुई।
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, उर्मिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उनसे वायरल ऑडियो–वीडियो के स्रोत, उनकी प्रामाणिकता और इसके पीछे की पूरी पृष्ठभूमि के बारे में सवाल किए गए। उर्मिला द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो क्लिप को वैज्ञानिक जांच (फॉरेंसिक परीक्षण) के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उर्मिला सनावर आज बृहस्पतिवार को हरिद्वार में एसआईटी प्रभारी एसपी सिटी के सामने पेश हो सकती हैं, जहां हरिद्वार में दर्ज प्राथमिकी से जुड़े पहलुओं पर उनसे पूछताछ की जाएगी।
“अंकिता को न्याय मिलना चाहिए” – उर्मिला का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उर्मिला सनावर ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस पूछताछ में पूरा सहयोग किया है और जो भी साक्ष्य उनके पास थे, वे सभी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता पूरे देश की बेटी थी और उसे न्याय मिलना चाहिए, चाहे इसके लिए सीबीआई या किसी अन्य उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच क्यों न करानी पड़े।
उर्मिला ने यह भी कहा कि उनके नाम को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। कोई उन्हें कांग्रेस समर्थक बता रहा है तो कोई भाजपा के आंतरिक गुटों से जोड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति न की जाए और केवल अंकिता को न्याय दिलाने पर ध्यान दिया जाए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या समाचार एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।
पुलिस को नहीं मिला कोई नया ठोस साक्ष्य
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि उर्मिला सनावर के पास अंकिता हत्याकांड से जुड़ा कोई नया ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। उनके पास केवल एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कुछ वीडियो हैं, जिनमें से अधिकतर वीडियो उन्होंने स्वयं रिकॉर्ड किए हैं।
बताया जा रहा है कि ऑडियो क्लिप में उर्मिला और सुरेश राठौर के बीच बातचीत है, जिसमें एक राजनेता का नाम लिया गया है। लेकिन पुलिस के अनुसार, इस बातचीत को पुष्ट करने के लिए कोई स्वतंत्र या ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जब पुलिस ने ऑडियो में किए गए दावों के आधार पूछे, तो उर्मिला उन्हीं ऑडियो और वीडियो को बार-बार साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करती रहीं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच में ऐसा कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे हत्याकांड की जांच की दिशा बदलती हो।
सुरक्षा को लेकर उर्मिला का आवेदन, एलआईयू से मांगी गई रिपोर्ट
उर्मिला सनावर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस को प्रार्थनापत्र सौंपा है। इस पर एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। गौरतलब है कि उनके खिलाफ एक के बाद एक चार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह कुछ समय के लिए शांत हो गई थीं और उनका फोन भी बंद बताया जा रहा था।
मंगलवार को अचानक उनका सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड आने और एसआईटी को साक्ष्य सौंपने की बात कही थी। उसी रात वह देहरादून पहुंचीं और अगले ही दिन उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई।
मुख्यमंत्री से मिले अंकिता के माता-पिता, भावुक हुआ माहौल
इधर, अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों माता-पिता भावुक हो गए और उन्होंने अपनी बेटी की हत्या को लेकर अपनी पीड़ा, भावनाएं और कुछ व्यक्तिगत परेशानियां मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री धामी ने करीब एक घंटे तक पूरे संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ हर स्तर पर खड़ी है।
सीबीआई जांच पर सरकार के संकेत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार पीड़ित माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार इस मामले में सीबीआई जांच को लेकर विधिक राय ले सकती है। अंकिता के माता-पिता पहले से ही सीबीआई जांच की मांग करते आ रहे हैं और हालिया घटनाक्रम के बाद सरकार भी इस विकल्प से इनकार नहीं कर रही है।
बताया जा रहा है कि न्यायालय के निर्णय और कानूनी सलाह के आधार पर सरकार सीबीआई जांच को लेकर अंतिम फैसला ले सकती है।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। एक ओर उर्मिला सनावर के दावों की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कह रही है। आने वाले दिनों में एसआईटी की रिपोर्ट और सीबीआई जांच को लेकर लिया जाने वाला फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा।
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