नई दिल्ली/हल्द्वानी। लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तेजी से कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलाली मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई।
टीम को आतंकी डॉ. उमर नबी से जुड़े मोबाइल कॉल डिटेल्स में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
आधी रात बनभूलपुरा में बड़ी दबिश
हल्द्वानी का बनभूलपुरा क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है।
शुक्रवार रात:
- दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल
- स्थानीय खुफिया इकाई (LIU)
- और उत्तराखंड पुलिस
ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में दबिश दी।
टीम सीधे बिलाली मस्जिद परिसर पहुँची और वहाँ से इमाम को उठाकर तुरंत दिल्ली ले गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमाम का नंबर आतंकी उमर के संपर्क में पाए गए कॉल डेटा में मिला था।
सुरक्षा बलों का भारी जमावड़ा,स्थानीय लोग सहमे
दबिश के बाद शनिवार सुबह ही बनभूलपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मौके पर पहुंचे:
- एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल
- सीओ लालकुआँ दीपशिखा अग्रवाल
- और कई थानों की फ़ोर्स
अचानक भारी पुलिस फोर्स देखकर स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए।
बिलाली मस्जिद और इमाम के आवास के आसपास कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि—
“दिल्ली पुलिस अपनी जांच के तहत कार्रवाई कर रही है। एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।”
Delhi Blast:देश को झकझोर देने वाला आतंकी हमला
10 नवंबर को लाल किले के पास हुई कार ब्लास्ट की घटना में:
- 13 लोगों की मौत
- कई लोग घायल
- आसपास के इलाके में भारी नुकसान
हो गया था।
सरकार ने इसे आतंकी हमला घोषित किया था, जिसके बाद NIA ने जांच अपने हाथों में ली थी।
मुख्य आरोपी आमिर राशिद अलीNIAरिमांड में
NIA ने हाल ही में इस मामले के एक प्रमुख आरोपी आमिर राशिद अली को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया।
NIA का दावा है कि:
- आमिर ने आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी को ठिकाना दिया था
- उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया
- और ब्लास्ट की साजिश में शामिल रहा
उमर नबी को इस ब्लास्ट का मुख्य एग्जीक्यूशनर माना जा रहा है।
जांच में तेजी,कई राज्यों में छापेमारी
एनआईए और दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार:
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड
- डिजिटल सबूत
- आतंकी नेटवर्क की फंडिंग
- और संभावित सहयोगियों
पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। हल्द्वानी में की गई आधी रात की कार्रवाई भी इसी कड़ी का हिस्सा है।

