देहरादून/जमशेदपुर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में झारखंड के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या से सनसनी फैल गई है। जमशेदपुर में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं, फायरिंग और बम धमाकों में साजिशकर्ता के तौर पर उसका नाम सामने आ चुका था। ताइक्वांडो सिखाने से करियर की शुरुआत करने वाला विक्रम धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में ऐसा सक्रिय हुआ कि हर बड़े कांड में उसका जिक्र होने लगा।
उत्तराखंड से झारखंड तक का सफर
विक्रम के पिता अमित लाल वर्ष 2000 से पहले नौकरी के सिलसिले में Tata Steel में कार्यरत थे और उत्तराखंड से झारखंड के जमशेदपुर शिफ्ट हुए थे। उस समय विक्रम ताइक्वांडो का शौकीन था और बीएमपी ग्राउंड में युवाओं को प्रशिक्षण देता था।
इसी दौरान झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर Akhilesh Singh उसका छात्र बना। विक्रम का छोटा भाई अरविंद शर्मा, अखिलेश का करीबी मित्र था, जिससे दोनों परिवारों के बीच घरेलू संबंध भी बन गए।
1999: पहला मामला और अपराध की शुरुआत
वर्ष 1999 में अखिलेश सिंह ने तेल कारोबारी ओम प्रकाश काबरा का अपहरण किया। इस मामले में पुलिस ने विक्रम के घर पर छापा मारा। यही वह पहला मौका था जब विक्रम का नाम एक आरोपी के रूप में सामने आया और पुलिस से उसका सीधा सामना हुआ।
छापेमारी के दौरान पुलिस को ‘पिंकी’ की तस्वीर मिली, जो कारोबारी अशोक शर्मा की पत्नी थी। अशोक शर्मा की 1998 में जमशेदपुर में हत्या कर दी गई थी, जिसमें विक्रम के भाई अरविंद शर्मा का नाम सामने आया। बाद में अरविंद ने पिंकी से शादी कर ली। इस हत्याकांड के बाद से अरविंद फरार है और अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जाता है।
बड़े मामलों में बढ़ती संलिप्तता
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में विक्रम का नाम कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में उभरा। Tata Steel के सुरक्षा अधिकारी जयराम की हत्या और बम धमाके की घटनाओं के बाद वह चर्चा में आया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं में उसने अखिलेश सिंह के साथ मिलकर साजिश रची थी।
बताया जाता है कि अखिलेश सिंह वर्तमान में झारखंड की उपराजधानी दुमका की जेल में बंद है, जबकि विक्रम बाहर रहकर आपराधिक नेटवर्क को संचालित करता रहा।
इन मामलों में भी रहा साजिशकर्ता
विक्रम शर्मा का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आया, जिनमें शामिल हैं:
-
श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
-
रवि चौरसिया पर फायरिंग
-
पूर्व जज आरपी रवि पर जानलेवा हमला
-
कांग्रेस नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोलीकांड
झारखंड में न्यूज पोर्टल संचालन और ब्लैकमेलिंग के आरोप
झारखंड आधारित पुलिस सूत्रों के अनुसार, विक्रम शर्मा राज्य में एक न्यूज पोर्टल भी संचालित करता था। इस पोर्टल में कुछ अन्य लोगों की भी साझेदारी बताई जाती है। आरोप हैं कि वह इस प्लेटफॉर्म का उपयोग लोगों को ब्लैकमेल करने और रंगदारी मांगने के लिए करता था।
स्थानीय लोगों के बीच उसका काफी खौफ बताया जाता है। कई बार उसकी हत्या की अफवाहें भी फैलीं, लेकिन हर बार वह फिर किसी न किसी आपराधिक घटनाक्रम के साथ चर्चा में आ जाता था।
देहरादून में हत्या से उठे सवाल
देहरादून में हुई उसकी हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस गैंगवार, पुरानी रंजिश और आपराधिक नेटवर्क के एंगल से जांच कर रही है। झारखंड और उत्तराखंड पुलिस के बीच भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि उसके आपराधिक नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने लाई जा सके।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। विक्रम की मौत के बाद एक बार फिर उसके अपराध जगत में बने रसूख और नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

