किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की छात्रा से जुड़े यौन शोषण और कथित धर्मांतरण के बहुचर्चित मामले में लखनऊ पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है। इस मामले में आरोपी डॉ. रमीज मलिक के निकाह का गवाह रहे सारिक खान को पुलिस ने पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
गैर-जमानती वारंट के बाद तेज हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सारिक खान पर आरोप है कि वह डॉ. रमीज की पहली पत्नी के धर्म परिवर्तन के बाद कराए गए निकाह में गवाह बना था। अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद लखनऊ पुलिस ने पीलीभीत पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की और शहर के पंजाबियान मोहल्ले में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दिसंबर 2005 से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला दिसंबर 2005 का बताया जा रहा है। केजीएमयू की एक छात्रा की तहरीर पर चौक कोतवाली में रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ यौन शोषण और धर्म परिवर्तन कराने का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी डॉक्टर के पीलीभीत से संबंध होने की जानकारी मिली थी।
पीलीभीत में पैतृक मकान, नोटिस भी हुआ था चस्पा
जांच में सामने आया कि डॉ. रमीज का पैतृक मकान पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र में स्थित है। लखनऊ पुलिस द्वारा वहां नोटिस भी चस्पा किया गया था। आगे की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डॉ. रमीज ने अपनी पहली पत्नी का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था, जिसमें पीलीभीत के एक काजी और सारिक खान के गवाह होने की जानकारी सामने आई।
पूछताछ में और नाम आए सामने
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हुई, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी के रूप में नामजद किया गया। इससे पहले मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
लखनऊ पुलिस आरोपी को साथ ले गई
पीलीभीत के कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी सारिक खान को लखनऊ पुलिस अपने साथ ले गई है, जहां आगे की पूछताछ और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इसकी जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

