उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बल्केश्वर घाट पर भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए यमुना नदी में नहाने उतरे युवक-युवतियां और एक किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक किशोर अब भी लापता है। पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है।
नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह कुछ युवक-युवतियां और बच्चे बल्केश्वर घाट पहुंचे थे। तेज गर्मी के चलते सभी यमुना में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज होने और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की तो वहां चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, राहत टीम और गोताखोर मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया।
पांच लोगों को निकाला गया बाहर
काफी मशक्कत के बाद पुलिस और गोताखोरों ने पांच लोगों को यमुना से बाहर निकाल लिया। सभी को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान दो युवकों और एक युवती ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय कान्हा, 19 वर्षीय महक और 17 वर्षीय रिया के रूप में हुई है। वहीं अन्य घायलों का इलाज जारी है।
एक किशोर अब भी लापता
घटना के बाद से 11 वर्षीय विक्की का कोई पता नहीं चल सका है। गोताखोर लगातार यमुना में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस का कहना है कि किशोर की तलाश जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
जन्मदिन समारोह के बाद पहुंचे थे घाट
परिजनों के मुताबिक सभी बच्चे परिवार में आयोजित एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने आए थे। मंगलवार सुबह वे बिना किसी को बताए यमुना नदी में नहाने चले गए। लापता विक्की के पिता राकेश ने बताया कि उनके परिवार में चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नतों से बेटा हुआ था। बेटे के लापता होने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। यमुना किनारे पिता का रो-रोकर बुरा हाल था।
इलाके में पसरा मातम
घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घाट पर जमा हो गए। अस्पताल और घाट पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी या गहरे जलाशयों में नहाने के दौरान सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले पानी में न जाने दें। खासकर बरसात और गर्मी के मौसम में नदी का बहाव और गहराई अचानक बढ़ सकती है, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका रहती है।

