उत्तरांखड के देहरदून से डॉक्टरों की लापरवाही की खबर समाने आई है। आपकों बता दें की नौ महीने पहले बच्चें को जन्म देने के लिए डॉक्यरों ने महिला का ऑपरेशन किया था। जिसमें ऑपरेशन दौरान महिला के पेट में पट्टी छोड़ दी। वही उसके बाद से महिला की कई बार तबीयत भी खराब हुई लेकिन अस्पताल के डक्टरों ने कोई गौर नहीं कि, जिसे महिला की तबीयत ओर खराब होने लगी जिस के बाद महिला को ग्राफिक एरा में भर्ती कराया जिस के बाद पूरी सच्चाई सामने आई। बताया जा रहा है की उसे तीन दिन पहले ग्राफिक एरा अस्पताल ले जाया गया। यहां पर पता चला कि ज्योति के पेट में इंफेक्शन अधिक हो गया है। उन्होंने जांच की तो ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद शनिवार को ऑपरेशन हुआ तो चौंकाने वाली बात सामने आई। ऑपरेशन के बाद ज्योति के पेट से पट्टी को निकाला गया। परिजनों का कहना है कि यह पट्टी डिलीवरी के समय हुए ऑपरेशन के दौरान ज्योति के पेट में छोड़ दी गई थी। इसी से ज्योति के पेट में इंफेक्शन हो गया। ज्योति ने रविवार देर रात दम तोड़ दिया। जिस के बाद परिजन ने महिला के शव को उस अस्पताल में ले गया जहां उसकी डिलीवरी हुई और हंगामा शुरू कर दिया। न्यूज बाउंड्री को मिली जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के बाद सीएओ ने मदर केयर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के साथ ही इसे सील कर दिया। अब तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि क्षेत्र के अस्पताल मदर केयर के सामने कुछ लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। वही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और सीएमओ को सूचना दी गई। इसके बाद परिजनों ने बताया कि लक्खीबाग निवासी प्रज्वल की पत्नी 26 वर्षीय ज्योति की मदर केयर अस्पताल में 29 जनवरी 2025 को डिलीवरी हुई थी।
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