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उत्तराखंड: पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी से मिलेगी राहत, अभिभावकों की परेशानी हुई खत्म

by NewsBoundry
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देहरादून। उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य नहीं होगा। भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार इन बच्चों को अगले एक वर्ष तक ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इस फैसले से प्रदेशभर में करीब चार लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी।

ई-केवाईसी को लेकर अभिभावक हो रहे थे परेशान

पिछले कुछ समय से राशन कार्ड के सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। हालांकि, पांच साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक न होने के कारण अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई मामलों में बच्चों की उंगलियों के निशान और आईरिस स्कैन नहीं हो पाने के कारण ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पा रही थी, जिससे राशन मिलने में दिक्कत आ रही थी।

इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और ऐसे बच्चों को फिलहाल ई-केवाईसी प्रक्रिया से बाहर रखने का निर्णय लिया है।

5 से 6 साल की उम्र में करानी होगी ई-केवाईसी

हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पांच से छह वर्ष की आयु के बीच बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होगा। उस समय ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी ताकि भविष्य में राशन वितरण में कोई बाधा न आए।

देहरादून में 70 हजार से अधिक छोटे बच्चे प्रभावित

देहरादून जिले की बात करें तो यहां पांच साल से कम उम्र के बच्चों की अनुमानित संख्या करीब 70 हजार है। जिले में कुल 3.75 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें:

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत – 2.19 लाख राशन कार्ड

अंत्योदय अन्न योजना – 15,131 राशन कार्ड

राज्य खाद्य योजना – 1.41 लाख राशन कार्ड

इन सभी राशन कार्डों में कुल 14.73 लाख यूनिट शामिल हैं, जिनका सत्यापन भारत सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है।

नौ लाख से ज्यादा लोगों ने कराई ई-केवाईसी

देहरादून शहर में ई-केवाईसी का कार्य अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती दिनों में लोगों में जागरूकता की कमी के कारण प्रक्रिया धीमी रही, लेकिन अब लोग समझ चुके हैं और स्वयं आगे आकर ई-केवाईसी करा रहे हैं।

अब तक जिले में नौ लाख से अधिक लोग अपनी ई-केवाईसी पूरी कर चुके हैं। सबसे बड़ी समस्या छोटे बच्चों की ई-केवाईसी को लेकर थी, जो अब सरकार के फैसले के बाद दूर हो गई है।

अधिकारियों का क्या कहना है

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने बताया कि

“पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं हो पाने के कारण राशन कार्ड धारकों को काफी परेशानी हो रही थी। अब भारत सरकार के निर्देशानुसार इन बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।”

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