Home उत्तराखंडअंकिता भंडारी हत्याकांड: मुख्यमंत्री धामी जल्द करेंगे परिजनों से मुलाकात, हर स्तर की जांच को तैयार सरकार

अंकिता भंडारी हत्याकांड: मुख्यमंत्री धामी जल्द करेंगे परिजनों से मुलाकात, हर स्तर की जांच को तैयार सरकार

by NewsBoundry
0 comments

देहरादून
उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार खुलकर सरकार का पक्ष सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंकिता को न्याय दिलाना है और यदि जरूरत पड़ी तो किसी भी स्तर की जांच कराने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही अंकिता के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे और उनकी भावनाओं व अपेक्षाओं को सुनकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि न्याय की प्रक्रिया में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।
विपक्ष पर संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप
सीएम धामी ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग इस अत्यंत संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाकर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि अंकिता के नाम पर राजनीति न करें और प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे किसी प्रकार के भ्रम या अफवाहों में न आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप को लेकर जो माहौल बनाया जा रहा है, उससे सबसे अधिक नुकसान अंकिता के परिवार को हो रहा है।
वायरल ऑडियो की जांच के लिए एसआईटी गठित
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
उन्होंने दो टूक कहा—
“यदि ऑडियो या किसी अन्य साक्ष्य में दोष सिद्ध होता है, तो कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होगा।”
सरकार हर उस सबूत की निष्पक्ष जांच कराएगी, जो इस मामले से जुड़ा होगा।
सरकार की मजबूत पैरवी से दोषियों को मिली आजीवन कारावास
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया। इसी का परिणाम है कि इस जघन्य अपराध में शामिल तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महिला आईपीएस अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने मामले के हर पहलू की गहन जांच की थी। जांच के दौरान जनता से भी साक्ष्य मांगे गए और उसके बाद न्यायालय में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि—
निचली अदालत
उच्च न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय
तीनों ने एसआईटी जांच पर संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता को दर्शाता है।
जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी संभव: मंत्री गणेश जोशी
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यदि भविष्य में कोई ठोस नया सबूत सामने आता है, तो सीबीआई जांच से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि पहले की एसआईटी जांच में सभी आरोपी पकड़े गए और उन्हें सजा भी मिली।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब अब तक की जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने नहीं आई है, तो माहौल को बेवजह क्यों गर्म किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि यदि कोई नया प्रमाण मिलता है, तो सीबीआई जांच कराई जा सकती है।
जनभावना का सम्मान करेगी सरकार: सौरभ बहुगुणा
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा जनभावनाओं का सम्मान करती आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि प्रदेश की जनता की भावना सीबीआई जांच की है, तो मुख्यमंत्री धामी उस पर गंभीरता से विचार करेंगे।
उन्होंने पेपर लीक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब जनता और युवाओं की मांग उठी, तो मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की मंजूरी दी, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि—
न्याय से कोई समझौता नहीं होगा
हर सबूत की निष्पक्ष जांच होगी
दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री का अंकिता के माता-पिता से प्रस्तावित संवाद इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकता है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

You may also like

Leave a Comment